अमरकोषसम्पद्

         

+वाक्पति (पुं) == बृहस्पतिः

जीव आङ्गिरसो वाचस्पतिश्चित्रशिखण्डिजः 
दिग्वर्गः 1.3.24.2.3.2

पर्यायपदानि
 बृहस्पतिः सुराचार्यो गीर्पतिर्धिषणो गुरुः।
 जीव आङ्गिरसो वाचस्पतिश्चित्रशिखण्डिजः॥

 बृहस्पति (पुं)
 +बृहतां पति (पुं)
 सुराचार्य (पुं)
 गीर्पति (पुं)
 +गीष्पति (पुं)
 धिषण (पुं)
 गुरु (पुं)
 जीव (पुं)
 आङ्गिरस (पुं)
 वाचस्पति (पुं)
 +वाक्पति (पुं)
 +वाचां पति (पुं)
 चित्रशिखण्डिज (पुं)
अर्थान्तरम्
 वदो वदावदो वक्ता वागीशो वाक्पतिस्समौ।

 वाक्पति (नपुं) - पटुवचनम् 3.1.35.1
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