अमरकोषसम्पद्

         

सङ्कीर्णवर्गः 3.2.34

प्रेषणं यत्समाहूय तत्र स्यात्प्रतिशासनम्
स संस्तावः क्रतुषु या स्तुतिभूमिर्द्विजन्मनाम्

प्रतिशासन (नपुं) = भृत्यादिप्रेषणम्. 3.2.34.1.1

संस्ताव (पुं) = यज्ञे स्तावकद्विजावस्थानभूमिः. 3.2.34.2.1

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