अमरकोषसम्पद्

         

मनुष्यवर्गः 2.6.121

परिकर्माङ्गसंस्कारः स्यान्मार्ष्टिर्मार्जना मृजा
उद्वर्तनोत्सादने द्वे समे आप्लाव आप्लवः

परिकर्मन् (नपुं) = शरीरशोभाककर्मः. 2.6.121.1.1

अङ्गसंस्कार (पुं) = शरीरशोभाककर्मः. 2.6.121.1.2

मार्ष्टि (स्त्री) = प्रोञ्चनादिनाङ्गनिर्मलीकरणम्. 2.6.121.1.3

मार्जना (स्त्री) = प्रोञ्चनादिनाङ्गनिर्मलीकरणम्. 2.6.121.1.4

मृजा (स्त्री) = प्रोञ्चनादिनाङ्गनिर्मलीकरणम्. 2.6.121.1.5

उद्वर्तन (नपुं) = उद्वर्तनद्रव्येणाङ्गनिर्मलीकरणम्. 2.6.121.2.1

उत्सादन (नपुं) = उद्वर्तनद्रव्येणाङ्गनिर्मलीकरणम्. 2.6.121.2.2

आप्लाव (पुं) = स्नानम्. 2.6.121.2.3

आप्लव (पुं) = स्नानम्. 2.6.121.2.4

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