अमरकोषसम्पद्

         

नाट्यवर्गः 1.7.34

अवहित्थाकारगुप्तिः समौ संवेगसंभ्रमौ
स्यादाच्छुरितकं हासः सोत्प्रासः स मनाक्स्मितम्

अवहित्था (स्त्री) = आकारगोपनम्. 1.7.34.1.1

आकारगुप्ति (स्त्री) = आकारगोपनम्. 1.7.34.1.2

संवेग (पुं) = हर्षादिना कर्मसु त्वरणम्. 1.7.34.1.3

सम्भ्रम (पुं) = हर्षादिना कर्मसु त्वरणम्. 1.7.34.1.4

आच्छुरितक (नपुं) = परस्यामर्षजनकहासम्. 1.7.34.2.1

मनाक् (अव्य) = ईषद् हासः. 1.7.34.2.2

स्मित (नपुं) = ईषद् हासः. 1.7.34.2.3

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