अमरकोषसम्पद्

         


Search amarakosha: मनाक्. Page 1

1 मनाक् (अव्य)

स्यादाच्छुरितकं हासः सोत्प्रासः स मनाक्स्मितम्
नाट्यवर्गः 1.7.34.2.2
अर्थः - ईषद् हासः


2 मनाक् (अव्य)

किञ्चिदीषन्मनागल्पे प्रेत्यामुत्र भवान्तरे
अव्ययवर्गः 3.4.8.2.3
अर्थः - अल्पम्




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