अमरकोषसम्पद्

         


Search amarakosha: हुत. Page 1

1 हुत (वि)

सान्नाय्यं हविरग्नौ तु हुतं त्रिषु वषट्कृतम्
ब्रह्मवर्गः 2.7.27.1.3
अर्थः - अग्नावर्पितम्




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