अमरकोषसम्पद्

         

सङ्कीर्णवर्गः 3.2.8

ग्रहे ग्राहो वशः कान्तौ रक्ष्णस्त्राणे रणः क्वणे
व्यधो वेधे पचा पाके हवो हूतौ वरो वृत्तौ

ग्रह (पुं) = ग्राहणम्. 3.2.8.1.1

ग्राह (पुं) = ग्राहणम्. 3.2.8.1.2

वश (पुं) = इच्छा. 3.2.8.1.3

कान्त (वि) = इच्छा. 3.2.8.1.4

रक्ष्ण (पुं) = रक्षणम्. 3.2.8.1.5

त्राण (नपुं) = रक्षणम्. 3.2.8.1.6

रण (पुं) = शब्दकरणम्. 3.2.8.1.7

क्वण (पुं) = शब्दकरणम्. 3.2.8.1.8

व्यध (पुं) = वेधनम्. 3.2.8.2.1

वेध (पुं) = वेधनम्. 3.2.8.2.2

पचा (स्त्री) = पचनम्. 3.2.8.2.3

पाक (पुं) = पचनम्. 3.2.8.2.4

हव (पुं) = आह्वानम्. 3.2.8.2.5

हूति (स्त्री) = आह्वानम्. 3.2.8.2.6

वर (पुं) = वेष्टनसम्भक्तिः. 3.2.8.2.7

वृत्ति (स्त्री) = वेष्टनसम्भक्तिः. 3.2.8.2.8

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